स्वामी विवेकानंद के सुविचार ( Swami Vivekananda quotes in hindi )

  1. मनुष्य प्रकृति पर विजय प्राप्त करने के लिए उत्पन्न हुआ है, उसका अनुसरण करने के लिए नहीं |
  2. संकल्प स्वतंत्र नहीं होता | वह भी कार्य-कारण से बंधा एक तत्त्व है, लेकिन संकल्प के पीछे कुछ है जो स्वतंत्र है |
  3. जब तक तुम स्वयं अपने में विश्वास नहीं करते, परमात्मा में तुम विश्वास नहीं कर सकते |
  4. अशुभ की जड़ इस भ्रम में है कि हम शरीर मात्र है | यदि कोई मौलिक और आदि पाप है तो वो यही है |
  5. धर्म वह वस्तु है, जिससे पशु मनुष्य तक और मनुष्य परमात्मा तक उठ सकता है |
  6. बाह्यप्रकृति अंतःप्रकृति का ही विशाल आलेख है |
  7. तुम्हारी प्रवृत्ति तुम्हारे काम का मापदंड है | तुम ईश्वर हो और निम्नतम मनुष्य भी ईश्वर है, इससे बढ़कर और कौन सी प्रवृत्ति हो सकती है ?
  8. यह मानना कि मन ही सब कुछ है, विचार ही सब कुछ है — केवल एक प्रकार का उच्च भौतिकतावाद है |
  9. यह दुनिया एक बड़ी व्यायामशाला है, जहां हम अपने आपको बलवान बनाने के लिए आते हैं |
  10. सत्य हजार ढंग से कहा जा सकता है और फिर भी हर ढंग सच हो सकता है |
  11. विश्व में केवल एक आत्मतत्त्व है, सब कुछ केवल उसी की अभिव्यक्तियाँ है |
  12. समस्त उपासक जनसाधारण और कुछ वीरों में विभक्त हैं |

Swami Vivekananda quotes in hindi / Quotes of Vivekananda in hindi

  1. जो किसी भौतिक वस्तु से विचलित नहीं होता उसने अमरता पा ली है |
  2. तुमको अंदर से बाहर विकसित होना है | कोई तुमको न सिखा सकता है न आध्यात्मिक बना सकता है | तुम्हारी आत्मा के सिवा और कोई गुरु नहीं है |
  3. एक पंथ बनाते ही तुम विश्वबन्धुता के विरुद्ध हो जाते हो | जो सच्ची विश्वबन्धुता की भावना रखते हैं, वे अधिक बोलते नहीं | उनके कर्म ही स्वयं जोर से बोलते हैं |
  4. यदि एक अनंत श्रृंखला की कुछ कड़ियाँ समझाई जा सकती हैं, तो उसी पद्धति से सब समझाई जा सकती हैं |
  5. सत्य के लिए सब कुछ त्यागा जा सकता है पर सत्य को किसी भी चीज के लिए त्यागा नहीं जा सकता, उसकी बलि नहीं डी जा सकती |
  6. सत्य का अन्वेषण शक्ति की अभिव्यक्ति है — वह कमजोर अंध लोगों का अँधेरे में टटोलना नहीं है |
  7. ईश्वर मनुष्य बना, मनुष्य भी फिर ईश्वर बनेगा |
  8. जिसके ह्रदय की पुस्तक खुल चुकी है, उसे एनी अकिसी पुस्तक की आवश्यकता नहीं रह जाती | पुस्तकों का महत्त्व इतना भर है कि वे हममें लालसा जगाती है | वे प्रायः अन्य व्यक्तियों के अनुभव होते हैं |
  9. यदि यहाँ और अभी पूर्णता की प्राप्ति असंभव है, तो इस बात का कोई प्रमान्नाहीं है कि दूसरे जन्म में हमें पूर्णता मिल ही जाएगी |
  10. सब प्राणियों के प्रति करुणा रखो | जो दुःख में हैं उसपर दया करो | सब प्राणियों से प्रेम करो | किसीसे इर्ष्या मत करो | दूसरों के दोष मत देखो |
  11. मैनें कभी प्रतिशोध की बात नहीं की | मैनें सदा बल की बात की है | क्या समुद्र की लहर किसी बूँद से बदला एलेने की सोच सकती है ?
  12. अगर स्वाद की इन्द्रिय को ढील दी, तो सभी इन्द्रियाँ बेलगाम दौड़ेंगी |

Swami Vivekananda quotes in hindi / Quotes of Vivekananda in hindi

  1. पैसेवाले की पूजा का प्रवेश होते ही धार्मिक संप्रदाय का पतन आरंभ हो जाता है |
  2. ज्ञान, भक्ति, योग और कर्म — ये चार मार्ग मुक्ति की ओर ले जानेवाले हैं | हर एक को उस मार्ग का अनुसरण करना चाहिए, जिसके लिए वह योग्य हो, लेकिन इस युग में कर्मयोग पर विशेष बल देना चाहिए |
  3. जब तक भौतिकता नहीं जाती, तब तक अध्यात्मिकता तक नहीं पहुँचा जा सकता |
  4. हम हमेशा अपनी कमजोरी को शक्ति बताने की कोशिश करते हैं | अपनी भावुकता को प्रेम कहते हैं; अपनी कायरता को धैर्य |
  5. जब अहंकार, दुर्बलता आदि देखो, तो अपनी आत्मा से कहो : “यह तुम्हे शोभा नहीं देता | यह तुम्हारे योग्य नहीं |”
  6. ओह ! यदि तुम अपने को जान पाते ! तुम आत्मा हो; तुम ईश्वर हो | यदि मैं कभी ईश-निंदा करता सा अनुभव करता हूँ, तो तब, जब मैं तुम्हें मनुष्य कहता हूँ |

 

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  1. Mohit soni January 31, 2017

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