दादी को मुंबई बुलाते हुए पत्र (Letter to Grandmother)

आप शहर में रहते हैं | आप के दादा-दादी गाँव में रह रहे हैं | उन्हें शहर में अपने साथ रहने के लिए मनाते हुए पत्र लिखिए |

आशीष पंडित,
गाँवदेवी रोड, दादर पश्चिम,
मुंबई – ४२
दिनांक : …………………….

आदरणीय दादीजी,
सादर प्रणाम,

मैं यहाँ कुशलता से हूँ तथा आपके और दादाजी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूँ | सुनाने में आ रहा है कि इस वर्ष गाँव में बड़े जोर की ठंड पड रही है | पिछले कई वर्षों में ऐसी ठंडी नहीं पड़ी थी | उम्मीद है आपको इस वजह से अधिक कष्ट नहीं उठना पद रहा होगा |

मैं आपसे कई बार निवेदन कर चूका हूँ कि आप और दादाजी यहाँ मुंबई में आकर हमारे साथ रहे | आप दोनों का गाँव से बहुत मोह है किन्तु हम लोगों के साथ वक्त बिताना भी जरुरी है | पिताजी की नौकरी और मेरे स्कूल के कारण हम लोग तो गाँव जा ही नहीं पाते | मेरा तो पूरा बचपन आपके और दादाजी के बिना ही बीता है |

मेरे कई मित्रों के दादा-दादी उनके साथ ही रहते हैं | वो उन्हें अपने पुराने अनुभव, रामायण-महाभारत की कहानियाँ और भी कई बातें बताते रहते हैं | मेरे मित्र उन बातों को स्कूल में आकर बताते हैं तो मुझे बहुत इर्ष्या होती है | पिताजी और माँ भी आप दोनों को बहुत याद करते हैं |

गाँव से आपको कितना भी मोह हो, अब आपको आकर हमारे साथ रहना ही चाहिए | आप की सेहत भी अब पहले जैसी अच्छी नहीं रहती | अतः साथ में कोई ध्यान रखनेवाला जरुरी है | आप दादाजी से जल्दी से जल्दी बात कर आने की तारिख निश्चित कर मुझे पत्र लिखे | पिताजी स्वयं आपको और दादाजी को लेने गाँव जायेंगे |

माँ और पिताजी यहाँ कुशल हैं | उन्हें भी इस बात की उम्मीद है कि इस बार आप आने के लिए राजी हो जायेंगे |

आपका स्नेहाभिलाषी पौत्र,

आशीष पंडित

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