फिर क्या होगा उसके बाद (Fir kya hoga usake baad)

कवि: बालकृष्ण राव

क) फिर क्या होगा उसके बाद ? …………………. उस विवाह-उत्सव के बाद |
१) प्रस्तुत पद्य खंड किस कविता से लिया गया है ? कवि का परिचय दीजिये |
उत्तर: प्रस्तुत पद्य खंड ‘फिर क्या होगा उसके बाद’ नामक कविता से लिया गया है | इसके कवि श्री बालकृष्ण राव हैं | इनकी मातृभाषा तेलुगु होते हुए भी इनका प्रेम ब्रजभाषा और खड़ी बोली से था | इन्होनें अनेक पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया | इनकी प्रमुख रचनाएँ ‘कौमुदी’, ‘आभास’, ‘कवि और छवि’ हैं | इनकी कविताओं में विलक्षण प्रतिभा के दर्शन होते हैं |

२) शिशु माँ से क्या प्रश्न कर रहा था ?
उत्तर: बच्चों में बालसुलभ जिज्ञासा होती है | वे हर चीज के बारे में जानना चाहते हैं | उनके पास प्रश्नों का भंडार होता है | वो अपने माता-पिता तथा दूसरे परिचितों से लगातार उन प्रश्नों को पूछते रहते हैं | यहाँ बालक अपनी माँ से पूछ रहा है कि ‘फिर क्या होगा उसके बाद ?’ माँ के जवाब के बाद भी उसकी जिज्ञासा शांत नहीं होती | वह आगे की बात जानना चाहता है | इसलिए वह वही प्रश्न बार-बार पूछता रहता है |

३) माँ ने शिशु के प्रश्न का क्या उत्तर दिया ?
उत्तर: शिशु के प्रश्न के उत्तर में माँ उसे समझाती है कि जब वह बड़ा हो जाएगा तो उसका विवाह होगा | विवाह उत्सव के बाद घर में सूर्य से भी उज्ज्वल, चंद्रमा से भी अधिक सुंदर और नए पत्तों से भी अधिक कोमल वधु आयेगी | यह सुनकर बालक के चेहरे पर मुस्कान की रेखा आ गयी |

ख) पल भर मुख पर ………………………. पूछा शिशु ने ‘उसके बाद ?’
१) बालक के चेहरे पर मुस्कान क्यों आ गयी ?
उत्तर: जब माँ ने बालक को उसके प्रश्न का उत्तर देते हुए समझाया कि जब वह बड़ा हो जाएगा तो उसका विवाह होगा | विवाह उत्सव के बाद घर में सूर्य से भी उज्ज्वल, चंद्रमा से भी अधिक सुंदर और नए पत्तों से भी अधिक कोमल वधु आयेगी | यह सुनकर बालक के चेहरे पर मुस्कान आ गयी |

२) बालक के दोबारा प्रश्न पूछने पर माँ ने क्या उत्तर दिया ?
उत्तर: माँ ने जब शिशु को विवाह की बात बताई तो उसके मन में जिज्ञासा उत्पन्न हुई कि उसके बाद क्या होगा ? यही प्रश्न उसने अपनी माँ से पूछा | माँ ने उसे बताया कि आकाश के नक्षत्रों जैसे सुंदर बालक स्वर्ग से आकर उसके शिशु बनेंगे | इस तरह घर में और बच्चों का आगमन होगा |

३) शिशु माँ का उत्तर सुनकर चिंतित क्यों हो गया ?
उत्तर: माँ ने शिशु को बताया कि उसके विवाह के बाद आकाश के नक्षत्रों जैसे सुंदर बालक स्वर्ग से आकर उसके शिशु बनेंगे | इस तरह घर में और बच्चों का आगमन होगा| यह सुनकर शिशु चिंतित हो उठा कि कहीं ये नए आये हुए बालक मेरे खिलौने उठाकर अपने घर ना ले जाए | उसे अपने खिलौने अति प्रिय थे |

४) माँ का उत्तर सुनकर शिशु कि जिज्ञासा शांत हुई या नहीं ?
उत्तर: शिशुओं कि बालसुलभ जिज्ञासा कभी शांत नहीं होती | हर उत्तर में से वो एक नया प्रश्न खोज निकालते हैं | यहाँ भी यही हुआ है | बालक ने माँ से पुछा कि उसके विवाह के बाद क्या होगा ? माँ ने उसे बताया कि उसके विवाह के बाद आकाश के नक्षत्रों जैसे सुंदर बालक स्वर्ग से आकर उसके शिशु बनेंगे | इतने से बालक कि जिज्ञासा शांत नहीं हुई | वह दुबारा माँ से पूछता है कि ‘फिर क्या होगा उसके बाद ?’

ग) अब माँ का जी ऊब चुका था ……………………….. है अनन्त का तत्त्वप्रश्न यह |
१) माँ का मन क्यों ऊब गया ?
उत्तर: बच्चे कई बार एक के बाद एक प्रश्न करते जाते हैं | कोई उन प्रश्नों का कितना भी उत्तर दे, वो उन उत्तरों में से नया प्रश्न खोज निकालते हैं | बच्चों की जिज्ञासा शांत ही नहीं होती | यहाँ भी यही हुआ है | माँ बालक को उसके प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताती है कि कुछ समय बाद उसका विवाह होगा, फिर उसके घर नए शिशु आएँगे | बालक फिर पूछता कि उसके बाद क्या होगा ? माँ इससे ऊब जाती है |

२) शिशु की आँखें क्यों भर आती हैं ?
उत्तर: माँ शिशु के बार-बार के प्रश्नों से ऊब जाती है | शिशु की प्यारी-प्यारी बातें सुनकर मन में जो प्रसन्नता थी, वो थकान में बदल गयी थी | इसलिए जब बच्चे ने उससे पूछा कि घर में नए-नए शिशु आएंगे, तो उसके बाद क्या होगा ? तो उन्होंने कह दिया कि उसके बाद वह बूढ़ी होकर मर जायेगी | अपनी माँ की मृत्यु की बात सुनकर बालक की आँखें भर आयी |

३) बालक की जिज्ञासा किस प्रकार उसके दुख पर विजय प्राप्त करती है ?
उत्तर: बालक के बार-बार के प्रश्नों से माँ ऊब जाती है | वह बालक के प्रश्न के उत्तर में कह देती है कि उसके बाद वह बूढ़ी होकर मर जायेगी | अपनी माँ के बूढ़ी होकर मरने की बात सुनकर बालक बहुत दुखी हो जाता है | उसके आँखों में आँसू भर आते हैं | पर वो तुरंत ही उस दुख को भूलकर अपनी माँ से दोबारा प्रश्न कर बैठता है कि उसके बाद फिर क्या होगा ? इस प्रकार बालक के मन की जिज्ञासा कुछ ही क्षणों में दुख को उसके मन से निकाल देती है |

४) कवि को बालक ने क्या सिखलाया है ?
उत्तर: जिस तरह बालक के मन की जिज्ञासा ने उसके दुख पर विजय प्राप्त कर ली, उससे कवि ने सीखा कि मनुष्य के जीवन में सुख-दुख बस पल भर के लिए होते हैं | वो आते-जाते रहते हैं | इसलिए मनुष्य को दोनों परिस्थितियों को अपने मन से जल्दी से जल्दी निकाल देना चाहिए किंतु मनुष्य की मृत्यु के बाद क्या होगा यह संसार का ऐसा तात्विक प्रश्न है जिसका उत्तर आज तक नहीं मिला |

अतिरक्त प्रश्न
१) प्रस्तुत कविता से बाल मनोविज्ञान के बारे में क्या पता चलता है ?
उत्तर: बालकों में जिज्ञासा बहुत अधिक होती है | उनके लिए पूरा संसार नया होता है | वो प्रत्येक चीज को समझना चाहते हैं | वो अपने आस-पास के लोगों से लगातार प्रश्न पूछते रहते हैं | उन प्रश्नों के उत्तर से वो नए प्रश्न बनाते हैं | उनकी जिज्ञासा का शांत होना लगभग असंभव है | उनके मन पर दुख-सुख का बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता | वो पल भर में दुखी हो जाते हैं तो पल भर में खुश |

२) अनंत का तत्त्व प्रश्न क्या है ?
उत्तर: “मनुष्य की मृत्यु के बाद उसका क्या होगा ?” यह अनंत का तत्त्व प्रश्न है | संसार के बहुत बड़े-बड़े विद्वान, वैज्ञानिक, दार्शनिक, धर्मगुरु इस प्रश्न का उत्तर खोजने में लगे हैं | आज तक इसका कोई विज्ञान सम्मत उत्तर नहीं मिला है | अलग-अलग धर्मों में इसका अलग-अलग उत्तर है पर उनकी कोई प्रामाणिकता नहीं है | यह प्रश्न अपने आप में संसार का सबसे बड़ा रहस्य है | जब से मनुष्य जीवन इस धरती पर है तब से मनुष्य के मन में यह प्रश्न है | इसलिए कवि इस प्रश्न को अनंत का तत्त्व प्रश्न कहते हैं |

३) कविता का केंद्रीय भाव लिखिए |
उत्तर: कविता ‘फिर क्या होगा उसके बाद’ में कवि बालकृष्ण राव बाल मनोविज्ञान का उपयोग करके बड़ी सुंदरता से उसे दार्शनिकता की ओर मोड़ रहे हैं | बच्चों के मन में जो अपार जिज्ञासा होती है, उस जिज्ञासा का समाधान करते-करते मनुष्य एक ऐसे प्रश्न पर पहुँच जाता है जिसका उत्तर स्वयं उसे नहीं पता | मृत्यु के बाद मनुष्य का क्या होगा, यह ऐसा प्रश्न है जिसका उत्तर मनुष्य अनंत काल से खोज रहा है | आज तक उसका कोई प्रमाणिक समाधान नहीं मिला |
कविता में जिस तरह बालक के मन की जिज्ञासा उसके दुख को पल भर में दूर कर देती है, उससे मनुष्य को यह सीख मिलती है कि जीवन में सब कुछ क्षणिक है | सुख-दुख आते-जाते रहते हैं | उनको पल भर में भूल जाना चाहिए |

४) मृत्यु इस संसार का सबसे बड़ा रहस्य है | इस विषय में अपने विचार लिखिए |
उत्तर: मनुष्य ने विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है | वह संसार के कई रहस्यों को जान गया है | कई रहस्य ऐसे है जिनको वो पूरी तरह समझ तो नहीं पाया किंतु उनके बारे में काफी जानकारी इकट्ठा कर चुका है | लेकिन प्रकृति का एक रहस्य ऐसा है जिसके बारे में मनुष्य का ज्ञान आज भी बिलकुल शून्य है | वह है मृत्यु | मृत्यु वास्तव में है क्या ? कौन सी चीज ऐसी है, जिसके जाने के कारण मनुष्य की मृत्यु होती है | मृत्यु के बाद वास्तव में होता क्या है ? क्या उसके बाद भी जीवन है या प्राणी पूरी तरह नष्ट हो जाता है ? इन प्रश्नों का आजतक कोई उत्तर नहीं मिला | इसलिए मृत्यु को संसार का सबसे बड़ा रहस्य कहते हैं |

५) बालक स्वभाव से ही उत्सुक होते हैं | इस पर टिप्पणी लिखिए |
उत्तर: बालकों में चीजों को जानने समझने की जिज्ञासा बहुत होती है | उनके लिए यह दुनिया नई होती है | उनको हर चीज नई लगती है | उन चीजों के बारे में जानने तथा उनको समझने के लिए वो प्रश्न पूछते रहते हैं | अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा दूसरे बड़े लोगों से वो उत्तर की अपेक्षा रखते हैं | उनकी इस उत्सुकता के कारण उनके प्रश्न कभी समाप्त नहीं होते | एक बात पता चली तो दूसरी बात, एक चीज के बारे में मालूम पड़ा तो दूसरे के बारे में पूछना यह लगातार चलता रहता है | इसलिए बालकों को स्वभाव से उत्सुक माना जाता है |

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