प्रकृति मानव की चीर सहचरी रही है | ( Essay on environment in Hindi )

Essay on environment in Hindi

“प्रकृति मानव की चीर सहचरी रही है | मनुष्य आज स्वार्थ वश उसके संतुलन को बिगाड़ रहा है जो भावी पीढ़ी के लिए घातक है |” इस कथन के समर्थन में अपने विचार लिखिए |

मनुष्य का जीवन पूरी तरह प्रकृति पर निर्भर है | हम अपनी आवश्यकता की लगभग सभी चीजें प्रकृति से प्राप्त करते हैं | लाखों वर्षों पूर्व जब मनुष्य का ज्ञान एक पशु से अधिक नहीं था तब भी मनुष्य जीवन के लिए आवश्यक सभी चीजें प्रकृति से ही प्राप्त करता था | आज जब हम विज्ञान की ऊँचाइयों को छू रहे हैं तब भी हमारी आवश्यकता की पूर्ती प्रक्रति से ही होती है | प्रकृति को इसी लिए माता कहा जाता है क्योंकि यह हमारा पालन पोषण करती है | अनंत काल से यह हमारी सहचरी रही है | प्रकृति का मनुष्य जीवन में इतना महत्त्व होते हुए भी हम अपने लालच के कारण उसका संतुलन बिगाड़ रहे हैं |

Hello Students I would like to recommend you that if you want to score 15 out off 15 marks in Section A Question No 1 which is Essay Writing (निबंध लेखन) , I’m sharing you the required link on how Essay should be written as far as Boards are concerned , Also In the course I have shared what is expected in the Essay Writing (निबंध लेखन) to score full marks , So Kindly go and join the course on Rough Book using below link
http://on-app.in/app/oc/80578/oinio

13 Comments

  1. CHAMELI May 29, 2017
    • debu May 29, 2017
    • Anu June 10, 2018
  2. ATUL SINGH June 8, 2017
  3. Amarja Santosh Patil June 30, 2017
  4. Suraj Kulkarni July 18, 2017
  5. Ravi August 2, 2017
  6. amanbadsha August 19, 2017
  7. Anu Narang June 10, 2018
  8. aman July 10, 2018
  9. aman September 26, 2018
  10. Sreelatha Sajja October 30, 2018
  11. Thakur abhay June 1, 2019

Leave a Reply