Kavya Chandrika Archive

उदय का क्षण (Uday ka kshan)

कवि: भवानीप्रसाद मिश्र क) कल की तरह आज भी ………………………………… शीतल किरणें मृत्युंजयी | १) प्रस्तुत पद्य खंड किस कविता से लिया गया है ? कवि का परिचय दो | उत्तर: प्रस्तुत पद्य खंड “उदय का क्षण” नामक कविता से …

नवीन कल्पना करो (Navin Kalpana Karo)

कवि: गोपाल सिंह नेपाली क) निज राष्ट्र के शरीर के …………………………. किशोर कामना करो | १) प्रस्तुत काव्यांश किस कविता से लिया गया है ? कवि का परिचय दो | उत्तर: प्रस्तुत काव्यांश ‘नवीन कल्पना करो’ नामक कविता से लिया …

कर्मवीर (Karmveer)

कवि: अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ क) देखकर बाधा विविध, ………………………………. वे कर जिसे सकते नहीं | १) प्रस्तुत पद्यखंड में कवि ने किसकी प्रशंसा की है ? कवि का परिचय दीजिये | उत्तर: कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ जी आधुनिक युग के …

स्वदेश-प्रेम (Swadesh Prem)

कवि : रामनरेश त्रिपाठी क) अतुलनीय जिनके प्रताप का …………………………. जिनका विजय-घोष रण-गर्जन | १) प्रस्तुत पद्यखंड किस कविता से लिया गया है ? कवि का परिचय दो | उत्तर: प्रस्तुत पद्यखंड स्वदेश-प्रेम कविता से लिया गया है | इसके …

हिमालय (Himalaya)

कवि : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ क) साकार, दिव्य, गौरव विराट, ………………………… किस महिमा का वितान ? १) यहाँ नगपति किसे कहा गया है ? उत्तर: नगपति का अर्थ होता है पर्वतों का स्वामी | यहाँ नगपति हिमालय पर्वत को कहा …

अरुण यह मधुमय देश हमारा (Arun yah madhumay desh hamara)

कवि: जयशंकर प्रसाद क) “अरुण यह मधुमय देश हमारा ! ………… मंगल कुंकुम सारा |” १) अनजान क्षितिज को सहारा मिलने का क्या तात्पर्य है ? उत्तर: कवि कहते हैं कि भारत में अनजान क्षितिज (धरती और आकाश के मिलने …